Sunday, February 26, 2017

हाले-ए-बिहार

Tuesday, January 31, 2017

माँ शारदे

||माँ शारदे||

माँ शारदे कहाँ तू बीणा बजा रही हो

किस मंजु ज्ञान से तू जग को रिझा रही हो

किस भाव में भवानी तू मग्न हो रही हो

बिनती हमारी माता तू क्यों न सुन रही हो

हम दीन बाल कब से बिनती सुना रहें हैं

चरणों में तेरे माता हम सर झुक रहे हैं

अज्ञान तम हमारा माँ शीघ्र दूर कर दे

बल बुद्धि ज्ञान हममे माँ शारदे तू भरदे

माँ शारदे कहाँ तू बीणा बजा रही हो

किस मंजु ज्ञान से तू जग को रिझा रही हो

Friday, January 20, 2017

Lines to care

*दिल को  छू लेने वाली ऐसी  37-लाइनें*
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1. *क़ाबिल लोग न तो किसी को दबाते हैं और न ही किसी से दबते हैं*।

2. *ज़माना भी अजीब हैं, नाकामयाब लोगो का मज़ाक उड़ाता हैं और कामयाब लोगो से जलता हैं* ।

3. *कैसी विडंबना हैं ! कुछ लोग जीते-जी मर जाते हैं*, *और कुछ लोग मर कर भी अमर हो जाते हैं* ।

4. *इज्जत किसी आदमी की नही जरूरत की होती हैं. जरूरत खत्म तो इज्जत खत्म* ।

5. *सच्चा चाहने वाला आपसे प्रत्येक तरह की बात करेगा*. *आपसे हर मसले पर बात करेगा लेकिन*
*धोखा देने वाला सिर्फ प्यार भरी बात करेगा*।

6. *हर किसी को दिल में उतनी ही जगह दो जितनी वो देता हैं.. वरना या तो खुद रोओगे, या वो तुम्हें रूलाऐगा* ।

7. *खुश रहो लेकिन कभी संतुष्ट मत रहो* ।

8. *अगर जिंदगी में सफल होना हैं तो पैसों को हमेशा जेब में रखना, दिमाग में नही* ।

9. *इंसान अपनी कमाई के हिसाब से नही,अपनी जरूरत के हिसाब से गरीब होता हैं* ।

10. *जब तक तुम्हारें पास पैसा हैं, दुनिया पूछेगी भाई तू कैसा हैं* ।

11. *हर मित्रता के पीछे कोई न कोई स्वार्थ छिपा होता हैं ऐसी कोई भी मित्रता नही जिसके पीछे स्वार्थ न छिपा हो* ।

12. *दुनिया में सबसे ज्यादा सपने तोड़े हैं इस बात ने,कि लोग क्या कहेंगे* ।

13. *जब लोग अनपढ़ थे तो परिवार एक हुआ करते थे, मैने टूटे परिवारों में अक्सर पढ़े-लिखे लोग देखे हैं* ।

14. *जन्मों-जन्मों से टूटे रिश्ते भी जुड़ जाते हैं बस सामने वाले को आपसे काम पड़ना चाहिए* ।

15. *हर प्रॉब्लम के दो सोल्युशन होते हैं..*
*भाग लो.. (run away)*
*भाग लो..(participate)*
*पसंद आपको ही करना हैं* ।

16. *इस तरह से अपना व्यवहार रखना चाहिए कि अगर कोई तुम्हारे बारे में बुरा भी कहे, तो कोई भी उस पर विश्वास न करे* ।

17. *अपनी सफलता का रौब माता पिता को मत दिखाओ, उन्होनें अपनी जिंदगी हार के आपको जिताया हैं* ।

18. *यदि जीवन में लोकप्रिय होना हो तो सबसे ज्यादा ‘आप’ शब्द का, उसके बाद ‘हम’ शब्द का और सबसे कम ‘मैं’ शब्द का उपयोग करना चाहिए* ।

19. *इस दुनिया मे कोई किसी का हमदर्द नहीं होता, लाश को शमशान में रखकर अपने लोग ही पुछ्ते हैं.. और कितना वक़्त लगेगा* ।

20. *दुनिया के दो असम्भव काम- माँ की “ममता” और पिता की “क्षमता” का अंदाज़ा लगा पाना* ।

21. *कितना कुछ जानता होगा वो शख़्स मेरे बारे में जो मेरे मुस्कराने पर भी जिसने पूछ लिया कि तुम उदास क्यों हो* ।

22. *यदि कोई व्यक्ति आपको गुस्सा दिलाने मे सफल रहता हैं तो समझ लीजिये आप उसके हाथ की कठपुतली हैं* ।

23. *मन में जो हैं साफ-साफ कह देना चाहिए Q कि सच बोलने से फैसलें होते हैं और झूठ बोलने से फासलें* ।

24. *यदि कोई तुम्हें नजरअंदाज कर दे तो बुरा मत मानना, Q कि लोग अक्सर हैसियत से बाहर मंहगी चीज को नजरंअदाज कर ही देते हैं* ।

25. *संस्कारो से भरी कोई धन दौलत नही है* ।

26. *गलती कबूल़ करने और गुनाह छोङने में कभी देर ना करना, Q कि सफर जितना लंबा होगा वापसी उतनी ही मुशिकल हो जाती हैं* ।

27. *दुनिया में सिर्फ माँ-बाप ही ऐसे हैं जो बिना स्वार्थ के प्यार करते हैं* ।

28. *कोई देख ना सका उसकी बेबसी जो सांसें बेच रहा हैं गुब्बारों मे डालकर* ।

29. *घर आये हुए अतिथि का कभी अपमान मत करना, क्योकि अपमान तुम उसका करोगे और तुम्हारा अपमान समाज करेगा* ।

30. *जो भाग्य में हैं वह भाग कर आयेगा और जो भाग्य में नही हैं वह आकर भी भाग जायेगा* ।

31. *हँसते रहो तो दुनिया साथ हैं, वरना आँसुओं को तो आँखो में भी जगह नही मिलती* ।

32. *दुनिया में भगवान का संतुलन कितना अद्भुत हैं, 100 कि.ग्रा.अनाज का बोरा जो उठा सकता हैं वो खरीद नही सकता और जो खरीद सकता हैं वो उठा नही सकता* ।

33. *जब आप गुस्सें में हो तब कोई फैसला न लेना और जब आप खुश हो तब कोई वादा न करना (ये याद रखना कभी नीचा नही देखना पड़ेगा)* ।

34. *मेने कई अपनों को वास्तविक जीवन में शतरंज खेलते देखा है* ।

35. *जिनमें संस्कारो और आचरण की कमी होती हैं वही लोग दूसरे को अपने घर बुला कर नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं* ।

36. *मुझे कौन याद करेगा इस भरी दुनिया में, हे ईशवर बिना मतल़ब के तो लोग तुझे भी याद नही करते* ।

37. *अगर आप किसी को धोखा देने में कामयाब हो जाते हैं तो मान कर चलना की ऊपर वाला भी आपको धोखा देगा क्योकि उसके यहाँ हर बात का इन्साफ जरूर होता है* ।

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अकेलापन vs. एकांत

*'अकेलापन'* इस संसार में सबसे बड़ी सज़ा है.!
                 और *'एकांत'*
   इस संसार में सबसे बड़ा वरदान.!!

       ये दो समानार्थी दिखने वाले
               शब्दों के अर्थ में
    . आकाश पाताल का अंतर है।

        *अकेलेपन* में छटपटाहट है
          तो *एकांत* में आराम है।

         *अकेलेपन* में घबराहट है
             तो *एकांत* में शांति।

           जब तक हमारी नज़र
      बाहरकी ओर है तब तक हम.
       *अकेलापन* महसूस करते हैं
                       और
   जैसे ही नज़र भीतर की ओर मुड़ी
   तो *एकांत* अनुभव होने लगता है।

          ये जीवन और कुछ नहीं
                     वस्तुतः
      *अकेलेपन* से *एकांत* की ओर
              एक यात्रा ही है.!!

              ऐसी *यात्रा* जिसमें
    *रास्ता* भी हम हैं, *राही* भी हम हैं
       और *मंज़िल* भी हम ही हैं.!!

Life lessons

*एक गिलहरी रोज अपने काम पर समय से आती थी और अपना काम पूरी मेहनत और ईमानदारी से करती थी !*
गिलहरी जरुरत से ज्यादा काम कर के भी खूब खुश थीl
*क्योंकि उसके मालिक, जंगल के राजा शेर ने उसे दस बोरी अखरोट देने का वादा कर रखा था।*
गिलहरी काम करते करते थक जाती थी तो सोचती थी , कि थोडी आराम कर लूँ , वैसे ही उसे याद आता कि शेर उसे दस बोरी अखरोट देगाl
गिलहरी फिर काम पर लग जाती !
गिलहरी जब दूसरे गिलहरीयों को खेलते देखती थी, तो उसकी
भी इच्छा होती थी कि मैं भी खेलूं , पर उसे अखरोट याद आ जाता,
और वो फिर काम पर लग जाती !

*ऐसा नहीं कि शेर उसे अखरोट नहीं देना चाहता था, शेर बहुत ईमानदार था !*

ऐसे ही समय बीतता रहा....
एक दिन ऐसा भी आया जब जंगल के राजा शेर ने गिलहरी को दस बोरी अखरोट दे कर आज़ाद कर दिया !

*गिलहरी अखरोट के पास बैठ कर सोचने लगी कि अब अखरोट मेरे किस काम के ?*

पूरी जिन्दगी काम करते - करते दाँत तो घिस गये, इन्हें खाऊँगी कैसे !

*यह कहानी आज जीवन की हकीकत बन चुकी है !*

इन्सान अपनी इच्छाओं का त्याग करता है, पूरी ज़िन्दगी नौकरी, व्योपार, और धन कमाने में बिता देता है !
*60 वर्ष की उम्र में जब वो सेवा निवृत्त होता है, तो उसे उसका जो फन्ड मिलता है, या बैंक बैलेंस होता है, तो उसे भोगने की क्षमता खो चुका होता हैl*

तब तक जनरेशन बदल चुकी होती है, परिवार को चलाने वाले बच्चे आ जाते है।

क्या इन बच्चों को इस बात का अन्दाजा लग पायेगा की इस फन्ड, इस बैंक बैलेंस के लिये : -
*कितनी इच्छायें मरी होंगी ?*
*कितनी तकलीफें मिली होंगी ?*
*कितनें सपनें अधूरे रहे होंगे ?*

क्या फायदा ऐसे फन्ड का, बैंक  बैलेंस का, जिसे पाने के लिये पूरी ज़िन्दगी लग जाये और मानव उसका
भोग खुद न कर सके !

*इस धरती पर कोई ऐसा अमीर अभी तक पैदा नहीं हुआ जो बीते हुए समय को खरीद सके।*

इसलिए हर पल को खुश होकर जियो व्यस्त रहो, पर साथ में मस्त
रहो सदा स्वस्थ रहो।

*BUSY पर BE-EASY भी रहोl*

Human chain : voice of niyojit teacher

नितीश तेरे श्रृंखला की,
हर कड़ी कमजोर है ।
राष्ट्र निर्माताओं के द्वारा,
उसका विरोध पुरजोर है ।

                 चले हो कीर्तिमान रचने,
                 टूटे दिलो को साथ लेके ।
                 ठग दिए हो शिक्षकों को,
                  नकली वेतनमान देके ।

विकास पुरुष का तमगा लेकर ,
सुशासन की बात करते हो ।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों को ,
लागू करने से डरते हो ।

            हो अगर विकास पुरुष तुम,
           तो कुछ नही एक काम करो ।
           समान काम करने वालो के,
           वेतन भी समान करो  ।

Equal pay for equal work

नितीश तेरे श्रृंखला की,
हर कड़ी कमजोर है ।
राष्ट्र निर्माताओं के द्वारा,
उसका विरोध पुरजोर है ।

                 चले हो कीर्तिमान रचने,
                 टूटे दिलो को साथ लेके ।
                 ठग दिए हो शिक्षकों को,
                  नकली वेतनमान देके ।

विकास पुरुष का तमगा लेकर ,
सुशासन की बात करते हो ।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों को ,
लागू करने से डरते हो ।

            हो अगर विकास पुरुष तुम,
           तो कुछ नही एक काम करो ।
           समान काम करने वालो के,
           वेतन भी समान करो  ।
                                     - by J. N. Mandal,
                                       SDPG +2 School,
                                       Gohi, Samastipur